नगर पंचायत बनने के बाद भी लोग अभी तक यही मानते हैं कि पृथ्वीगंज नगर पंचायत का विकास अभी संभव नही। सर्वे का मानना है कि जागरूकता का स्तर 10 फीसदी से भी कम है जिसके कारण युवा वर्ग विशेष स्किल लेकर सामने नही आ पा रहा।
क्षेत्र गर्व का विषय यह है कि ऋषि कुटीर संस्थान के अन्तर्गत चलाए जा रहे प्रयास की दृष्टि से ऐसा कार्य अभी तक पूरे प्रतापगढ़ नगर क्या आस पास के जिलों में भी नही हुआ।
पहले योग , प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद के शिक्षण के लिए विद्यार्थियों को हरिद्वार या बंगलोर जैसे स्थानों पर जाना पड़ता था । आज यह सुविधा ऋषि कुटीर के माध्यम से पृथ्वीगंज, प्रतापगढ़ में मौजूद है। आयुष मंत्रालय से मान्य यह कोर्स करके अब विद्यार्थी अपने कैरियर को ऐसे विषयों से जोड़कर कार्य कर सकते हैं जिसकी समाज को विशेष आवश्यकता है। एलोपैथी दवाओं में अंधाधुंध कमीशनखोरी के चलते पर्चों में ऐसी अनावश्यक दवाएं भी लिखी जा रही हैं जिसकी शरीर को कोई आवश्यकता नहीं।
ऋषि कुटीर के संचालक पं. मानस राजऋषि का कहना है कि अभी यहां जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्य करना काफी संघर्षशाली है क्योंकि इन क्षेत्रों से जुड़े सरकारी कर्मचारी भी घूसखोर और सेटिंग के चलते योग और प्राकृतिक चिकित्सा के अस्तित्व के लिए स्वयं रोड़ा बने हैं किंतु हमारा प्रयास और विश्वास अटल है। जल्द ही अन्य जिलों और प्रदेशों के लोग ऋषि कुटीर की तरफ रुख करेंगे जिससे बाहरी अतिथियों का आवागमन बढ़ेगा और यह क्षेत्र के विकास पर भी असर करेगा।
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